" पद एवं ‌गोपनीयता "

 
 
क्या है "पद एवं गोपनीयता'' आखिर कैसी गोपनीयता है। 

किस चीज की गोपनीयता बनाए रखना चाहती है भारत की सरकार भारत की जनता से, जिसकी शपथ लेती है भारत की सरकार। 

किस तरह भारत की सरकार ने हमें बेवकूफ बना कर अंग्रेजों का संविधान जो कि ब्रिटिश के अधीन है आज भी सुचारू रूप से चला रही है भारत के लोगों पर और "सत्ता की हस्तांतरण संधि" के द्वारा यह सब मुमकिन हो पा रहा है। 

आज भी हम किस तरह से ब्रिटेन के दायरे में आते हैं।:-                             

1 शर्त नम्बर एक :- 
भारत को हमेशा सरकारी दस्तावेजों में India कहा जायेगा। यहां तक कि संविधान की प्रस्तावना में भी "India that is Bharat" लिखा गया है।   
                                                                          2 शर्त नम्बर दो:- 
भारत हमेशा ब्रिटेन का उपनिवेश रहेगा।(जिसका फायदा उठा कर कोई भी बिदेशी कम्पनी भारत में मुंह उठा कर घुस आती है और भारत से धन लूट के ले जाती है उदाहरण:-ईस्ट इंडिया कम्पनी।)  
                                                                            3 शर्त नम्बर तीन:-  
भारत हमेशा डोमीनियन स्टेट रहेगा‌ अर्थात्-एक बड़े (ब्रिटेन) राज्य के अधीन दूसरा राज्य।   
और यही कारण है कि भारत की राष्ट्रमंडल देशों में उपस्थिति एक डोमिनियन स्टेट की तरह है न कि स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में।   
और हमारे जैसे देशों की औकात दिखाने के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के समय एक गले में पट्टा बंधा कुत्ता शुरू में घुमाया जाता है ये दिखाने के लिए कि आज भी भारत इंग्लैंड के अधीन है।  

और इसके लिए सन् 1948 में बना वार्तानिया कानून के अंतर्गत भाग-१(क) के अनुसार 
हर भारत वासी ब्रिटेन की रियाया है,
और ये कानून भारत के गणराज्य प्राप्त कर लेने के बाबजूद लागू रहेगा। 
अर्थात् भारत की सम्पत्ति ब्रिटेन की महारानी की सम्पत्ति है।    
    
4 शर्त नम्बर चार:-   
भारत सरकार को संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेदों में संशोधन या रद्द करने का अधिकार नहीं होगा। 
जैसे:-अनु०-366, अनु०-371, अनु०-372,और‌ अनु०-392।।   
                                                              

5 शर्त नम्बर पांच:- 
भारत की संसद में वन्दे मातरम् नहीं गाया जायेगा।   
                                                        
6 शर्त नम्बर छः :- 
सत्ता हस्तांतरण संधि के अनुसार कोई भी कानून चाहें किसी भी क्षेत्र में हो बदला नहीं जायेगा।   

अतः आज भी देश के अंदर 34735 कानून वैसे के वैसे ही चल रहें हैं।   
उदा०-इंडियन पुलिस एक्ट, इंडियन पीनल कोड, इंडियन सिविल सर्विसेज एक्ट, इत्यादि।  

7 शर्त नंबर सात:- 
अंग्रेजो के द्वारा बनाए गए भवन और उनके नाम पर रखे गए भवनों के नाम में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा।
उदा०-राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, इंडिया गेट, डलहौजी शहर,कर्जन रोड,आदि।  
                                               
8 शर्त नम्बर आठ:-  
सत्ता हस्तांतरण संधि के अनुसार-ईस्ट इंडिया कंपनी भारत छोड़कर हमेशा के लिए चली जाएगी मगर अन्य 126 कंपनियां भारत में ही रहेगी तथा भारत सरकार बतौर उन्हें संरक्षण प्रदान करेगी।  

उदा०- ब्रुक बॉन्ड, लिपटन, बाटा, डेरी मिल्क, कैडबरी, हिंदुस्तान यूनिलीवर प्रा लि,आदि कंपनियां आजादी के बाद से ही अपने पैर जमाए हुए हैं। 
और आज इन कंपनियों की संख्या हजारों में लाखों में है।                         

9 शर्त नम्बर नौ:-   
संविधान के अनुच्छेद 348 के अनुसार-भारत की संसद और सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली कार्यवाही की भाषा अंग्रेजी रहेगी। 
                        
10 शर्त नम्बर दस:- 
सत्ता हस्तांतरण संधि के अनुसार- भारत के सभी क्रांतिकारी (भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, सुभाष चंद्र बोस, अशफाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल, आदि।) आतंकवादी हैं।  
                                  
11 शर्त नम्बर ग्यारह:-  
संधि के अनुसार-भारत के सभी बड़े रेलवे स्टेशनों पर एक बुक स्टोर रहेगा जिसका नाम व्हीलर बुक स्टोर रखा जाएगा । 
                                       
12 शर्त नम्बर बारह:-  
संधि के अनुसार:-जनवितरण और राशन कार्ड सिस्टम वैसे का वैसे ही सुचारू रुप से चलता रहेगा। उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।           

13 शर्त नम्बर तेरह :-   
भारत के हर बड़े बड़े शहरों में वेश्यालयों एवं वेश्यावृत्ति को कानूनी मान्यता दी जाएगी और इसका संरक्षण भारत सरकार करेगी।  

उदा०-दिल्ली का रेड लाईट एरिया,आदि। अतः यही कारण है कि आज देश में चोरी लूटपाट डकैती बलात्कार रेप जैसी घटनाएं आम बात हो गई हैं                                      

14 शर्त नम्बर चौदह:-   
संधि के अनुसार-भारत में शराबखानों को कानूनी मान्यता दी जाएगी और भारत सरकार द्वारा इनको संरक्षण प्रदान किया जाएगा।                  

15 शर्त नम्बर पन्द्रह:-  
संधि के अनुसार-भारत की प्रथम नागरिक ब्रिटेन की महारानी हैं,और भारत का राष्ट्रपति उनका प्रतिनिधि। 

(अतः इसलिए भारत आगमन पर जब महारानी ‌आती हैं तो उन्हें भी प्रोटोकॉल के तहत 21 तोपों की सलामी दी जाती है, भारत महारानी की सम्पत्ति है इसलिए महारानी को यहां आने के लिए वीजा की भी जरूरत नहीं पड़ती है)।  
                                         
16 शर्त नम्बर सोलह:-  
संधि के अनुसार-भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को भारत सरकार किसी भी तरह का संरक्षण या सहायता प्रदान नहीं करेगी।                    

17 शर्त नम्बर सत्तरह:-   
भारत में अंग्रेजी भाषा का स्थान अंग्रेजों के जाने के बाद भी बैसा ही रहेगा जैसा कि अभी (1947) है।  
                                                            
18 शर्त नम्बर अट्ठारह:-   
संधि के अनुसार भारत में गायों को मारने के लिए कत्लखानों को भारत सरकार संरक्षण प्रदान करेगी और भारत से हर साल ३०हजार टन गौमांस ब्रिटेन के लिए भारत सरकार भेजेगी।                               

19 शर्त नम्बर उन्नीस:-   
संधि के अनुसार- भारत की सरकार ब्रिटेन की महारानी को बतौर पेंशन हर साल 10 अरब रूपये देगी।    
                                                 
20 शर्त नम्बर बीस:-   
ब्रिटेन की महारानी द्वारा भारत की संपत्ति कुछ समय (99 साल) के लिए पट्टे (lease) पर दी गयी है। " भारत की स्वतंत्रता अधिनियम 1947 " कानून के तहत भारत को स्वतंत्रता दी गई है, अतः इस बीच कोई भी इसमें हस्तक्षेप करने की कोशिश करता है तो भारतीय संविधान रद्द हो कर भारत पर सबसे "भारत सरकार अधिनियम 1935" लागू हो जाएगा । 
                                             
तो ये थीं कुछ शर्तें जो कि सभी निकाल कर पूरी नहीं रखी हैं मैंने, यही वो गोपनीयता की शर्तें हैं जिसको न बताने की कसम सरकार खाती है और कोई बात नहीं है बस।  

बर्ना ये एक सच्चे हिंदुस्तानी को झकझोर कर रख देने की ताकत रखती हैं अब सवाल आता है कि यह संधि आखिर करने की नौबत क्यों आई, या यह किसने की है, तो इस पर पूर्व की सरकारों से कई बार पूछने की कोशिश की गई है लेकिन सरकार अपने सभी बयानों में इस बात पर जवाब देने से बचती रही है। 

भारत की पूर्ववर्ती सरकारें अपनी कुर्सी बचाने के लिए करती है, और इन्हें जो उत्तरदायित्व सौंपा गया है 99 साल की लीज का, ये उसी को आगे बढ़ा रहे हैं।  

शायद अब कुछ बदले इस आशा के साथ....

वंदेमातरम् 🚩
जय हिंद जय भारत 🇮🇳

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