करीब 1300 साल पुराना महालक्ष्मी यह मंदिर 51 शक्ति पीठ में प्रमुख है। यहां माता सती के तीनों नेत्र गिरे थे।
महालक्ष्मी की मूर्ति 2000 साल से ज्यादा पुरानी बताई जाती है। महालक्ष्मी की 4 भुजाएं हैं। इनमें महालक्ष्मी ने गदा, ढाल, मातुलिंग और पानपत्र धारण किये हैं। महालक्ष्मी श्रीचक्र पर खडी है। उनके मस्तक पर शिवलिंग, नाग, और पीछे सिंह है।
महालक्ष्मी का ही दूसरा नाम अंबाबाई है। अंबाबाई का यह मंदिर कोल्हापुर के करवीर क्षेत्र में है। कोल्हासुर के पुत्र करवीर का वध शिव ने किया।
कोल्हासुर के आतंक से दुखी देवताओं की प्रार्थना पर आदिशक्ती पार्वती ने कोल्हासुर का वध किया और इस स्थान अपना वास्तव्य बनाया। इन्ही असुरों के प्रार्थना पर इन क्षेत्रों का नामकरण हुआ।
एक कथा अनुसार देवी लक्ष्मी ने विष्णु भगवान को त्याग कर कुछ समय यहां तपस्या की।
जय वैदिक सनातन धर्मस्य 🔱🏹🪈🚩
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