जब पेशवा बाला जी बाजीराव के छोटे भाई रघुनाथ राव (राघोवा) ने सिखों के बुलावे में पंजाब को अहमदशाह अब्दाली के बेटे तैमुर शाह अब्दाली( दुर्रानी) से मुक्त कर दिया था और ध्वस्त हुई स्वर्ण मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया था।
सन 1757 का दौर था। दुर्रानी साम्राज्य का संस्थापक अहमद शाह अब्दाली(दुर्रानी) पुरातन पंजाब( लाहौर,पेशावर) ,कश्मीर और दिल्ली को रोहिल्ला नजीब खान की मदद से अपने कब्जे में ले लिया था। अहमद शाह ने अपने बेटे तैमुर शाह अब्दाली को लाहौर में स्थापित करके अफ़ग़ानिस्तान लौट चुका था।
तैमुर शाह लाहौर में बैठकर दिल्ली,पंजाब और कश्मीर को संचालित कर रहा था। पंजाब में अफगानी तैमुर शाह अब्दाली सिख साम्राज्य को ध्वस्त कर चुका था।
1757 वही दौर था जब अहमद शाह अब्दाली ने पंजाब आक्रमण के दौरान अमृतसर में स्वर्ण मंदिर को ध्वस्त कर दिया था और स्वर्ण मंदिर के पवित्र कुंड में गाय का मांस डाल दिया था। पंजाब ,दिल्ली और कश्मीर में लगातर अफगान और रोहिलाओ के बढ़ते हुए आक्रमण को देखते हुए मराठा साम्राज्य के पेशवा बालाजी बाजीराव ने अपने भाई रघुनाथ राव(राघोबा) के नेतृत्व में अन्य मराठा सरदार गंगाधर तात्या,नरोशंकर पंडित,मल्हार राव होलकर और दत्ताजी सिंधिया/शिंदे को अफ़ग़ानों के विरुद्ध अभियान में भेज दिया था।
अगस्त 1757 में रघुनाथ राव के नेतृत्व में मराठाओ ने दिल्ली को अपने कब्जे में ले लिया था दिल्ली के तख्त में अब पेशवाओ का सिक्का चलने लगा था। पेशवा बाजीराव प्रथम के बाद लंबे अंतराल में पुनः दिल्ली मराठाओ के कब्जे में आ चुकी थी। रोहिल्ला नजीब खान मराठाओ के सामने आत्मसमर्पण कर चुका था।
7 मार्च 1758 को सिखों ने पंजाब में अफ़ग़ानों के विरुद्ध पेशवा से मदद माँगी, जस्सा सिंह अल्हुवालिया और अला सिंह पटियाला रघुनाथ राव का इंताजर सरहिंद की सीमा में कर रहे थे।
8 मार्च 1758 को राघोबा मराठा सेना के साथ सरहिंद के किले में हमला कर देते हैं रघुनाथ राव ने किले में प्रवेश करते ही अफ़ग़ान सैनिकों को काटना शुरू कर दिया, मराठाओ ने विक्राल अट्टहास करते हुए 10,000 अफ़ग़ानों सहित अहमद समद खान को मार दिया। रघुनाथ राव एक एक करके पूरे पंजाब में कब्जा कर लेते हैं पेशवा बाजीराव प्रथम के बाद पुनः किसी ने अटक से लेकर कटक तक भगवा लहराया था।
रघुनाथ राव ने तैमुर शाह अब्दाली को लाहौर से लेकर पेशवार तक सैनिक सहित दौड़ाकर मारा था।
रघुनाथ राव ने 1758 को अमृतसर में ध्वस्त हुई स्वर्ण मंदिर का पुनर्निर्माण करवया साथ ही 1.25 लाख भी दान किया। स्वर्ण मंदिर के ग्रंथियों ने रघुनाथ राव का इस कार्य के लिए सम्मान भी किया था।
हमने लाहौर, मुल्तान,कश्मीर और दूसरे सूबों को अटक की तरफ मिला लिया है. हमारे साम्राज्य में. जो नही आ पाए हैं वो जल्द ही आ जाएंगे. अहमद अब्दाली खान का बेटा तैमूर खान और जहाँ खान हमारी सेनाओं द्वारा खदेड़े और लुटे जा चुके हैं।हमने कंधार पर अपना राज घोषित करने का निर्णय ले लिया है।
राघोबा की चिट्ठी पेशवा बालाजी बाजीराव को(4 मई; 1758 )
रिफरेन्स : एडवांस्ड स्टडी इन द हिस्ट्री ऑफ मॉडर्न इंडिया ( 1707- 1813)
जय भवानी 🏹🔱🚩
जय शिवाजी 🚩
हर हर महादेव 🔱 🚩
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