तारीख वही है लेकिन दौर योगी जी का हैं।
ये रामायण हैं पुण्य कथा श्रीराम की...
1528 में राम मंदिर टूटने के बाद से लगातार हिंदुओं की हर पीढ़ी ने अपने आराध्य को वचन दिया था कि 'राम लला हम आएंगे' और ठीक 464 साल के कई पीढ़ियों के संघर्ष, हज़ारों बलिदानों के बाद हिंदुओं ने उस संकल्प को 1992 में आज के दिन पूरा किया..
"कोई खेद नहीं,कोई पछतावा नहीं, कोई पश्चाताप नहीं, कोई शोक नहीं। #babrimasjid विध्वंस राष्ट्रीय गौरव का विषय है" ~ कल्याण सिंह
#6december1992 बीते 1000 साल में भारत और हिंदुओं के शौर्य का एकमात्र दिवस है। अपने बच्चों को गजवा-ए-हिंद के खतरनाक मंसूबों से सुरक्षित रखना चाहते हैं तो इस तारीख को अपने भीतर जिंदा रखिए।
जयतु जयतु हिन्दूराष्ट्रम् 🐚 🚩
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